Jewar Airport: नोएडा एयरपोर्ट के पास 125 करोड़ में बनेगी फ्लैटेड फैक्ट्री, युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के दरवाजे
Greater Noida: ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में अभी फ्लैटेड फैक्ट्री नहीं हैं। यह पहला जिला स्तरीय प्रोजेक्ट होगा, जहां एक ही छत के नीचे कई इकाइयां संचालित होंगी। यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि सरकार की मंशा फ्लैटेड फैक्ट्री बनाकर छोटे उद्यमियों को बड़ी राहत देने की है।

Jewar Airport: ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में अभी फ्लैटेड फैक्ट्री नहीं हैं। यह पहला जिला स्तरीय प्रोजेक्ट होगा, जहां एक ही छत के नीचे कई इकाइयां संचालित होंगी। यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि सरकार की मंशा फ्लैटेड फैक्ट्री बनाकर छोटे उद्यमियों को बड़ी राहत देने की है। उन्हें एक ही छत के नीचे सारी सुविधाएं मिल सकेंगी। इस कदम से निवेशकों को राहत मिलेगी और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
यमुना सिटी क्षेत्र में फ्लैटेड फैक्ट्री बनने से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्रियों का दबाव बढ़ेगा। जयपुर और मुंबई के अलावा कई अन्य शहरों के उद्यमी यहां उद्योग लगाकर एक दिन में यात्रा कर सकेंगे। अभी ग्रेटर नोएडा में उद्योग लगाने वाले बाहरी उद्यमियों को हवाई सुविधा के लिए दिल्ली एयरपोर्ट का सहारा लेना पड़ता है।

जिस सेक्टर में फ्लैटेड फैक्ट्री बनेगी, उसी सेक्टर में मेडिकल डिवाइस पार्क भी बनाया जा रहा है। फ्लैटेड फैक्ट्री क्या होती है? फ्लैटेड फैक्ट्री एक बहुमंजिला औद्योगिक इमारत होती है। इसमें एक नहीं बल्कि कई व्यवसाय एक साथ होते हैं। आसान शब्दों में कहें तो एक ही छत के नीचे एक से ज्यादा फैक्ट्री एक साथ चल सकती हैं।
उत्तर प्रदेश में एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए फ्लैटेड फैक्ट्री के रूप में बड़ी पहल चल रही है। फ्लैटेड फैक्ट्री के लिए स्थान नोट कर लें। मास्टर प्लान तैयार करने और अन्य जानकारी। परियोजना के निर्माण में दो साल का समय लगेगा। फ्लैटेड फैक्ट्री 38,665 वर्ग फीट में बनेगी, जहां 100 से ज्यादा फैक्ट्रियां एक साथ काम कर सकेंगी।
फ्लैटेड फैक्ट्री प्राधिकरण के तहत बिजली, पानी, फायर सिस्टम, लिफ्ट, एयर कंडीशनिंग जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। पूरी फैक्ट्री को इस तरह से डिजाइन किया जाएगा कि पर्यावरण को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे। सुरक्षा के लिए पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगेंगे।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नज़दीक यमुना सिटी के सेक्टर 28 में एक बड़ी औद्योगिक परियोजना की शुरुआत हो चुकी है। इस क्षेत्र में फ्लैटेड फैक्ट्री के निर्माण की प्रक्रिया तेज़ कर दी गई है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य MSME उद्यमों को नया रास्ता मिलेगा। इस फैक्ट्री के निर्माण पर 125 करोड़ का निवेश होगा और इसे आने वाले दो वर्षों में पूरा कर लिया जाएगा।











